Diploma Linux Unit 3

RGPV Diploma: Linux: Unit 3

 

Q1. Vi एडिटर को समझाइए |

OR

Vi एडिटर पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए |

OR

एडिटर क्या है ? किसी एक को विस्तार से समझाइए |

OR

एडिटर क्या है ? vi एडिटर को विस्तार पूर्वक समझाइए |

OR

vi एडिटर के कोई पांच कमांड लिखिए |

Ans.

Vi editor एक तरह का एडिटर है जो की टाइपिंग के काम आता है Linux में |

vi editor एक स्क्रीन Oriented टेक्स्ट एडिटर है |

vi editor यूनिक्स के लगभग sbhi favours पे उपलब्ध है |

vi editor एक बोर्ड पे लिखने जैसा ही है |

vi editor को बहुत ही कम रिसोर्सेज की जरूरत होती है |

vi editor बहुत ही  user friendly है | ed और ex एडिटर की तुलना में |

vi एडिटर की मदद से हम  फाइल बना सकते है, बनी  हुई फाइल को एडिट कर सकते है, फाइल को रीड भी  कर  सकते है |

STARTING THE VI EDITOR –

(i)                  Vi FileName

इस कमांड का उपयोग एक new फाइल बनाने के लिए किआ जाता है |

Example:-

Vi student

यह student  फाइल का नाम है, जो vi editor में बनी है |

जैसे ही हम "vi  student " टाइप करने के बाद एंटर प्रेस करते है निचे वाली विंडो आती है, जिसमे हमे टाइप करना है |

(ii)                Vi –R student

इस कमांड का उपयोग बानी हुई फाइल को read  only  मोड में open  करने के लिए किया जाता है |

 

SAVING THE FILE IN VI EDITOR –

(i)                  :wq

इस कमांड का उपयोग vi editor में फाइल को save करके exit करने के लिए किया जाता है |

 

(ii)                :w

इस कमांड का उपयोग vi editor में फाइल को सिर्फ save करने के लिए किया जाता है|

 

EXIT THE VI EDITOR-

(i)                  :q

इस कमांड का उपयोग file  से exit  होने के लिए किया जाता है, लेकिंग यदि कोई changes  किये है file  में तो editor  पहले मैसेज दिखा के warn करता है |

 

(ii)                :q!

इस कमांड का उपयोग फाइल से एग्जिट होने के लिए किया जाता है, इसमें कोई warning  नही मिलती |

 

Q2 vi एडिटर के विभिन्न वर्किंग मोड्स को समझाइए |

v i एडिटर के तीनों मोड्स को समझाइए |

Ans. Vi editor के निम्लिखित three modes है-

(I) COMMAND MODE:

Editor starting मे जिस मोड़ मे होत है उसे हि command mode कहते है। Command mode मे जिस character को type करते है वो text पर command के रुप मे काम करता है। इस command का उपयोग cursor को move करने ,text को cut या copy करने, किसी text को search करने आदि कार्यो मे किया जाता है।

(II) INPUT MODE : input mode मे जाने के लिये i key को press करने कि आवश्यकता होती है। input mode text को file मे enter करने कि अनुमति देता है। 

Input mode मे फुचने के बाद keyboard से जो भि type किया जाता है वह screen पर दिखाइ देता है। यदि command mode मे वापस जाना हो तो Esc key को press करते है। input mode का उपयोग करके editor मे केवल type कर सकते है लेकिंग इसे save नहि कर सकते है।

(III) EX MODE OR LAST LINE MODE: ex mode कि जरुरत text file को save करने के लिये होति है।  ex mode मे जाने के लिये command mode मैं (:) colon type करते है।

 

Q3 v i एडिटर के फीचर्स लिखिए |

लिनक्स में v i एडिटर की मुख्य विशेषताओं को समझाइए |

V i एडिटर की विशेषताओं को लिखिए |

Ans. Vi editor कि विशेषताएँ:

(i)       Vi editor लगभग सभी Linux Distributions क़े साथ उपलब्ध रहता है।

(ii)       Vi editor मे strings को search करना आसान होता है।

(iii)      Vi editor मे hard copy को लेना भि आसान रहता है।

(iv)      Vi editor का size बहुत हि कम लगभग 100 kb के आसपास होता है।

 

Q4 रिडाइरेक्शन से आपका क्या तात्पर्य है ?

OR

इनपुट और आउटपुट रिडाइरेक्शन पर चर्चा कीजिए |

OR

स्टैंडर्ड इनपुट और आउटपुट रिडाइरेक्टिंग क्या है ? उदाहरण सहित समझाइये |

Ans. Command line पर कि जाने वालि input और output redirecting कि process शैल द्वारा पुरि कि जाति है। शैल command द्वारा line पर < , > या >> का पता लगाते है। इसे निम्नलिखित उदाहरन द्वारा समझाया गया है:

$echo This is a book > text

शैल, redirection character > को recognize करता है और > चिन्ह के बाद लिखे हुए text को एक file name मानता है। यह text नामक file मेCongratulations From Books Ltd” input stream को redirect कर देता है। यदि text नामक file पहले से हि होगी तो यह दिये गये text input को stored text पर over right कर देता है।

 

Fig. Redirection से over right कि प्रक्रिया

 

>> Character का उपयोग input text को stored text के साथ append करने के लिये किय जाता है।

Fig. Redirection (>>) से append कि प्रक्रिया

 

शैल किसि program को execute करने से पहले program के standard output को दि गई file मे redirect कर देता है।

$wc -l users

5 users

$wc -<users

5

पहलि line मे शैल, command line को analyze करता है। वह एक एसा program है जो किसि file मे lines कि संख्या , words और character कि गणना करता है।

पहला argument ($wc) केवल total lines को calculate करने के लिये किय जाता है, जबकि दूसरा argument (-l users)  वह file है जिसकी lines को calculate किया जाना है।

अत: wc program user नामक file को open करता है तथा इसकी lines को count करके दिखाता है।

तिसरि line मे शैल, redirecting चिन्ह < को देखता है इसके बाद users वर्ड को argument – send करता है जिससे output मे केवल lines कि संख्य दिखति है। शैल उसेर्स को input redirection के लिये input file मानता है।

 

Q5 पाइप पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए |

पाइप क्या होते हैं ? समझाइए |

Ans. पाईप एक filter कि तरह काम करता है। यह एक command है जो एक से अधिक commands को connect करता है, अथार्थ पाइप (|) के द्वारा पाइप से पहले लिखे program के output को पाइप के बाद लिखे program के standard input से जोड़ दिया जाता है। इसके बाद यह दोनो commands execution एकसाथ करता है। इसे निम्नलिखित उदाहरन के द्वारा समझाया गया है-

$whowc–l

इस उदाहरन मे who command के output को wc command के input के साथ जोड़ा जाता है, जो who command द्वारा उत्पन्न कि जाने वालि lines कि संख्या को print करता है।

पाइप से सम्बंधित कुछ बिंदु निम्न्लिखित है-

(I)       एक साथ पाइप कि जा सकने वालि commands कि संख्या मे कोइ पंक्चर नहि होत है।

(II)      पाइप लाइन मे left side से आने वालि command को standard output तथा right side से आने वालि command को standard input के लिये उपयोग करना आवश्यक होता है।

(III)      सभी commands parameters को पाइप से पहले हि रखना आवश्यक होता है, अथार्थ :   #ls – all|grep “data .txt”

(IV)     Command तथा पाइप के बिच रिक्त स्थान छोड़ने कि कोइ आवश्यकता नहि होती है। अथार्थ :   #ls – all|grep “data .txt”

 

Q6 पाइप लाइनिंग क्या है ? उदाहरण सहित समझाइए|

पाइपलाइन क्या है ? उदाहरण सहित वर्णन कीजिए |

पाइपिंग को समझाइए |

पाइपलाइन के कॉन्सेप्ट को तीन उचित उदाहरण के साथ समझाइए |

Ans. कभी कभी आवश्यक information को प्राप्त करने के लिये एक command काफी नाहि होति है। इस समय यह काम कई commands को आपस मे जोद कर किय जा सकता है। linux के अंतर्गर्त दो या दो से अधिक commands को जोड़ कर एक command के रुप मे प्रयोग करने कि सुविधा होति है, जिसे पाइपिंग कहते है।

Redirect सुविधा के द्वारा files को जोड़ा जाता है, जबकि पाइपिंग के द्वारा command को जोदा जाता है। यह एक अत्यधिक महत्वपूर्ण सुविधा है क्योकि इसके द्वारा एक command के output को दूसरे command के input के रुप मे उपयोग कर सकते है।

Linux मे यह काम पाइप () चिन्ह के द्वारा किया जाता है।

पाइपिंग के विभिन्न उदाहरन निम्न्लिखित है-

(i)       $ls : wc –l

(ii)       $ls|wc –l > countfile

(iii)      $who |wc –l

(iv)      $ls –r |more

(v)       $ls|sort –r

 

Q7 टाइम शेयरिंग की अवधारना को संक्षेप में समझाइए |

टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम के लाभ तथा हानि बताइए |

Ans. Batch operating system तथा multiprogramming operating system कि प्रमुख विशेषता यह होति है कि ये system program के execution के दौरन user से interact नहि करते है।

Time sharing या multitasking , multiprogramming का हि विकसित रुप होता है जिसमें प्रत्येक user computer system के साथ interact करता है, जैसे कि प्रत्येक computer मे online terminal होता है।

इस operating system मे multiple jobs को साथ साथ रखा जाता है, जो कि multiple user के अनुसार होति है। इसमे cpu द्वारा multiple user को एक दुसरे पर switch करके कार्य किया जाता है। इस प्रकार प्रत्येक user program के execution के दौरन interaction कर सकता है।

Time sharing operating system के लिये interaction कि आवश्यकता होति है, जिसमे प्रत्येक user, system के साथ direct communication करता है।

Time sharing operating system के लाभ-

(I)                  Program के execution के दौरान user किसि भि program के साथ interaction कर सकता है।

(II)               इसमे CPU के time को प्रभावशाली रुप से उपयोग किया जाता है।

Time sharing operating system कि हानिया-

(I)                  यह multiprogramming ओपेरतिंग system कि तुलना मे अधिक जटिल होता है।

(II)               इसमे protection तथा security अति आवश्यक होति है।

(III)             इसमें concurrent execution कि स्थिति मे scheduler कि आवश्यकता होति है।

(IV)             इसमे disk management कि आवश्यकता होति है।

(V)                इसमे virtual memory कि आवश्यकता होति है।

 

Q8 tee कमांड को संक्षेप में समझाइए |

मल्टीपल टारगेट के लिए रिडाइरेक्टिंग समझाइए |

Ans. पाइप के साथ संयोजन करने के लिये tee command का उपयोग किया जाता है।

यह command किसि input source से प्राप्त data को read करता है तथा एक component को standard output के लिये एवम् दुसरे component को किसि file मे write करने के लिये उपयोग करता है।

इस command को निम्नलिखित उदाहरन द्वारा समझाया गया है-

#echo “hello world“ tee test.txt

Hello world

#cat text.txt

Hello world

उपरोक्त उदाहरन मैं echo command के output को tee किया गया है। अतह यह command output को print करने के साथ-साथ text.txt नाम कि file भि create करता है। यदि echo command को किसि अन्य message के साथ run करे और उसि file के साथ tee करे तो यह command इस message पर पुराने message को over right कर देता है। tee command का syntax निम्नलिखित है-

Tee [option] filename    

Q9 लिनक्स के निम्नलिखित कमांड को समझाइए

(i)                  kill

(ii)                wc –l

(iii)              nice

(iv)               ls –l

 

OR

kill कमांड को विकल्प एवं उचित उदाहरण के साथ समझाइए |

OR

निम्नलिखित कमांड को उदाहरण सहित समझाइए

(i)                  nice

(ii)                kill

(iii)              set

OR

kill  कमांड का कार्य एवं सिंटेक्स लिखिए |

 

Q10 who कमांड को समझाइए |

OR

निम्नलिखित कमांड का कार्य एवं syntax लिखिए

(i)                  sleep

(ii)                who

 

Q11 निम्नलिखित कमांड को समझाइए-

(i)                  grep

(ii)                bc

(iii)              cut

(iv)               find

OR

 grep कमांड को समझाइए |

OR

निम्नलिखित Linux कमांड को समझाइए-

(i)                  grep

(ii)                find

(iii)              banner

OR

find कमांड का कार्य एवं सिंटेक्स लिखिए |

 

Q12 निम्नलिखित कमांड को समझाइए

(i)                  egrep

(ii)                more

 

Q13 निम्नलिखित कमांड को आप्शन एवं उचित उदाहरण के साथ समझाइए

(i)                  dd

(ii)                fgrep

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Practicals:
Previous years solved papers:
A list of Video lectures References:
  1. Sebesta,”Concept of programming Language”, Pearson Edu 
  2. Louden, “Programming Languages: Principles & Practices” , Cengage Learning 
  3. Tucker, “Programming Languages: Principles and paradigms “, Tata McGraw –Hill. 
  4. E Horowitz, "Programming Languages", 2nd Edition, Addison Wesley

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    1. Structure of desktop computers
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    8. Register in Assembly Language Programming
    9. Arrays in Assembly Language Programming

    References:

    1. William stalling ,“Computer Architecture and Organization” PHI
    2. Morris Mano , “Computer System Organization ”PHI

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    1. Data Link Layer
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    4. Flag bytes with byte stuffing framing method
    5. Flag bits with bit stuffing framing method
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    8. Stop and Wait scheme
    9. Sliding Window Protocol
    10. One bit sliding window protocol
    11. A protocol Using Go-Back-N
    12. Selective repeat protocol
    13. Application layer
    References:
    1. Andrew S. Tanenbaum, David J. Wetherall, “Computer Networks” Pearson Education.
    2. Douglas E Comer, “Internetworking with TCP/IP Principles, Protocols, And Architecture",Pearson Education
    3. KavehPahlavan, Prashant Krishnamurthy, “Networking Fundamentals”, Wiley Publication.
    4. Ying-Dar Lin, Ren-Hung Hwang, Fred Baker, “Computer Networks: An Open Source Approach”, McGraw Hill.